अभी सेना के पूर्व जवान की आत्महत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, इस मामले में कोंग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी वोट बैंक की राजनीति खेल रहे हैं और इसको मोदी सरकार के विरुद्ध इस्तेमाल करके वोटों की रोटियाँ सेंकना चाहते हैं।
हमें लगा अचानक से कोंग्रेस पार्टी को जवानों की इतनी चिंता कैसे होने लगी तो हमने ये पुराना अर्टिकले आपके साथ शेयर करना उचित समझा।इससे पहले ये भी बता दें कि राहुल गांधी को रोज़ शहीद हो रहे सैनिकों के घर जाने का समय नहीं मिला यहाँ तक कि पिछले दिनों वो शहीद मंदीप सिंह के घर भी नहीं गये जिनके शव की आतंकियों द्वारा दुर्गति की गयी थी । पर यहाँ ग्रेवाल की दुखद मृत्यु पर उन्हें लगा कि वोट बैंक की रोटियाँ सेंकी जा सकती है तो तुरंत पहुँच गये।
अब आपको १५ अक्टूबर २०१५ के इस मामले की जानकारी देते हैं जिससे आपको स्पष्ट होगा कि कोंग्रेस के लोग सेना के जवानों की कितनी इज़्ज़त करते हैं। बता दें कि उस समय पुलिस कंट्रोल रूम में नियम विरुद्ध नियुक्ति मामले में पूछताछ के लिए आये मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने समर्थकों पर लाठीचार्ज से नाराज़ होकर अर्द्ध सैनिक बल के जवान को थप्पड़ रसीद कर दिया था । क्या जवान की कोई इज़्ज़त दिग्विजय सिंह की नज़र में नहीं थी ?
क्या कोंग्रेस पार्टी के लोग केवल दिखावे के लिए सेना के जवानों की बात करते हैं क्यूँकि जिस OROP पर कोंग्रेस इतना भड़क रही है ख़ुद इतने साल सत्ता में रहने के बावजूद कोंग्रेस ने वो कभी लागू नहीं किया और सैनिकों को बेवक़ूफ़ बनाते रहे ।
दिग्विजय सिंह ने सेना के जवान को बीच सड़क पर थप्पड़ मारा था !!
Reviewed by Kunwar pal
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February 02, 2018
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