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जानिए 10वीं व 12वीं की जुलाई में प्रस्तावित परीक्षाओं को लेकर केंद्र सरकार का अब क्या है प्लान
इस बीच जुलाई में जो परीक्षाएं प्रस्तावित है उनमें दसवीं बारहवीं की सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड की परीक्षाओं के साथ विश्वविद्यालयों की भी परीक्षाएं शामिल है।नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों ने जुलाई में प्रस्तावित परीक्षाओं को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय की चिंताएं बढ़ा रखी है। वह इसलिए भी चिंतित है, क्योंकि परीक्षाओं को अब सिर्फ दो हफ्ते ही बाकी है, लेकिन संक्रमण की रफ्तार लगातार तेज ही हो रही है। खासकर दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि इसे लेकर कोई भी निर्णय लेने से पहले मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय को पूरी जानकारी देते हुए राय मांगी है।जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों ने जुलाई में प्रस्तावित परीक्षाओं को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय की चिंताएं बढ़ा रखी है। वह इसलिए भी चिंतित है, क्योंकि परीक्षाओं को अब सिर्फ दो हफ्ते ही बाकी है, लेकिन संक्रमण की रफ्तार लगातार तेज ही हो रही है। खासकर दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि इसे लेकर कोई भी निर्णय लेने से पहले मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय को पूरी जानकारी देते हुए राय मांगी है।मंत्रालय का साफ कहना है कि वह कोई फैसला स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के बाद ही लेगा। इस बीच जुलाई में जो परीक्षाएं प्रस्तावित है, उनमें दसवीं, बारहवीं की सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड की परीक्षाओं के साथ विश्र्वविद्यालयों की भी परीक्षाएं शामिल है। जो एक जुलाई से होनी है। इसके साथ ही नीट और जेईई मेंस की भी परीक्षाएं जुलाई में होनी है।नीट की परीक्षा 18 से 23 जुलाई के बीच प्रस्तावित हैमौजूदा प्लान के तहत नीट की परीक्षा 26 जुलाई को और जेईई मेंस की 18 से 23 जुलाई के बीच प्रस्तावित है। ऐसे में सवाल है कि यदि संक्रमण की स्थिति इसी तरह बढ़ती रही, तो परीक्षाएं कैसे हो पाएगी। हालांकि इस सब के बीच छात्रों और परिजनों की ओर से परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग भी तेज हो गई है। अभिभावकों की कहना है कि वह बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डालकर परीक्षाएं नहीं चाहते है।इस बीच कुछ अभिभावकों ने इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया है। हालांकि मंत्रालय ने भी साफ किया है, कि उनके लिए भी छात्रों की सुरक्षा पहली जिम्मेदारी है। ऐसे में वह कोई भी कदम उठाने से पहले छात्रों की सुरक्षा जरूरत सुनिश्चित करेंगे। जिसके चलते वह फिलहाल सारे जरूरी कदम उठा रहे है।मंत्रालय से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक जुलाई में प्रस्तावित परीक्षाओं को लेकर वह तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे है। इसके तहत दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं को जहां सेल्फ सेंटर की व्यवस्था के तहत छात्रों के पढ़ने वाले स्कूलों में ही कराने का घोषणा की गई है। साथ ही पांच हजार की जगह अब 13 हजार परीक्षा सेंटर बनाने को मंजूरी दी गई है। यह सारे कदम छात्रों की सुरक्षा को ही ध्यान में रखकर तैयार किए गए है। बावजूद इसके संक्रमण की बढ़ती रफ्तार से चिंतित जरूर है, लेकिन इसे लेकर कोई भी अंतिम फैसला 20 जून तक की संक्रमण की स्थिति को देखते हुए ही लिया जाएगा।
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