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दिल्ली में कुंडली मार कर बैठा कोरोना, देश में संक्रमण का खतरा बढ़ा

June 27, 2020

कोरोना दिल्ली में कुंडली मारकर ऐसे बैठा है की संक्रमण की रफ्तार रुक ही नहीं रही है और लगातार बढ़ती ही जा रही है,  हालांकि दिल्ली सरकार का कहना है कि कोरोना जांच में आई तेजी की वजह से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ी है और नए मरीजों में मामूली लक्षण ही सामने आ रहे हैं जिन का इलाज वक्त पर कर लिया जाएगा 


दिल्ली में कोरोना का आंकड़ा लगभग 77000 के करीब पहुंच गया है अब तक 2492 मरीज वायरस की वजह से अपनी जान गवा चुके है जिसमें महज 24 घंटे में कोरोना के 3460 मरीज सामने आए है

24 घंटे में मरने वाले मरीजों की संख्या 60 से ऊपर चली गई है दिल्ली में इस वक्त 27697 एक्टिव केस है होम  क्वारंटाइन मरीजों की संख्या भी बढ़कर 16229 हो गई है 

दिल्ली में जिस तरह करो ना कुंड ली मार कर बैठा है उसके मद्देनजर दिल्ली सरकार ने फैसला लिया है की सभी सभी स्कूल 31 जुलाई तक बंद रहेंगे इसके साथ चलते ही फिलहाल शैक्षिक गतिविधियां ऑनलाइन शुरू करने पर विचार किया जा रहा है 

शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल को पत्र लिखकर स्कूलों को दोबारा खोलने की रणनीति पर विचार करने की अपील की है 


इसी बीच प्लाजमा थेरेपी एक बार फिर कामगार साबित हुई है कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद डॉ सतेंद्र को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है प्लाजमा थेरेपी की वजह से दिल्ली में मौत के मामले कम हुए हैं 


दिल्ली में लगभग रोजाना 3500 मरीज सामने आ रहे हैं दिल्ली सरकार का कहना है कि मरीजों में जाता करो ना जा इसमें तेजी की वजह से हो रहा है और जो मरीज सामने आ रहे हैं उनकी हालत ज्यादा गंभीर नहीं है 

शुक्रवार को आइटीबीपी के आईजी एसएस देसवाल मैं छतरपुर में बने दिल्ली की सबसे बड़े कॉमेडी सेंटर का दौरा किया और वहां की परिस्थितियों का जायजा लिया 


देशभर में जहां पुराना मरीजों का आंकड़ा 5 लाख के करीब पहुंच गया है  वही देश की राजधानी कोरोना की मार से  कराह रही है हालांकि दिल्ली सरकार का दावा है कि कोरोनावायरस ने के लिए ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग के जरिए मरीजों का पता लगाया जा रहा है और उनका इलाज किया जा रहा है!


दिल्ली में कुंडली मार कर बैठा कोरोना, देश में संक्रमण का खतरा बढ़ा दिल्ली में कुंडली मार कर बैठा कोरोना, देश में संक्रमण का खतरा बढ़ा Reviewed by VISHU on June 27, 2020 Rating: 5

देश में कोरोना का कहर जारी, अब तक करीब 12 हजार लोगों की मौत और 1.87 लाख से अधिक हुए ठीक

June 16, 2020


  • इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आने से करीब 12 हजार लोगों की मौत
  • 1.87 लाख से अधिक हुए ठीक
  • 3.54 लाख से अधिक केस
वर्ल्डोमीटर के मुताबिक कुल मरीजों की संख्या 3.54 लाख के पारअब तक करीब 12 हजार लोगों की मौत, 1.87 लाख से अधिक हुए ठीक

देश में कोरोना का कहर जारी है. मरीजों का संख्या 3 लाख 50 हजार को पार कर गया है. इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आकर 10 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1 लाख 87 हजार से अधिक लोग ठीक हो चुके हैं. वर्ल्डोमीटर के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कुल कोरोना मरीजों की संख्या 3 लाख 54 हजार 161 है.

यह संख्या सरकार की ओर से जारी नहीं किया गया है. हालांकि, वर्ल्डोमीटर के मुताबिक, कोरोना से अब तक 11 हजार 921 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1 लाख 87 हजार से अधिक लोग ठीक हो चुके हैं. एक्टिव केस की संख्या 1 लाख 54 हजार से अधिक है. कोरोना से मौत के आंकड़ों में अचानक आया उछाल है. दरअसल, महाराष्ट्र और दिल्ली ने मौत के पुराने आंकड़ों को भी जोड़ दिया है.

महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे के अंदर 2701 नए मामले आए और 81 लोगों की मौत हो गई है. इसके साथ ही महाराष्ट्र सरकार ने अपने डेटा को सुधारते हुए 1328 मौत के आंकड़े को जोड़ा है, जो बीते दिनों हुई थी, लेकिन रिपोर्ट नहीं की गई थी. इन आंकड़ों में अकेले मुंबई में 862 मौतें हुई हैं.

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अब महाराष्ट्र में कुल मौत का आंकड़ा 5 हजार 537 हो गया है. कुल कंफर्म केस की संख्या 1 लाख 13 हजार 445 है, जिसमें एक्टिव केस की संख्या 50 हजार से अधिक है. वहीं, 57 हजार से अधिक लोग ठीक हो चुके हैं. अकेले मुंबई में कोरोना के कुल केस की संख्या 60 हजार से अधिक है, जिसमें 3168 लोगों की मौत हो चुकी है.

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दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 1859 नए मामले आए और 93 मरीजों की मौत हो गई. एक दिन में मौत का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है. अब कुल मरीजों की संख्या 44 हजार 688 हो गई है. पहले हुई 344 मौत के मामलों की लेट रिपोर्टिंग हुई है. अब दिल्ली में कुल मौत का आंकड़ा 1837 हो गया है. दिल्ली में अब तक 16 हजार 500 लोग ठीक हुए हैं. 

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देश में कोरोना का कहर जारी, अब तक करीब 12 हजार लोगों की मौत और 1.87 लाख से अधिक हुए ठीक देश में कोरोना का कहर जारी, अब तक करीब 12 हजार लोगों की मौत और 1.87 लाख से अधिक हुए ठीक Reviewed by Kunwar pal on June 16, 2020 Rating: 5

कोविड -19: 3 भारतीय-अमेरिकी में प्लाज्मा ट्रांसफ्यूजन के बाद रिकवरी के संकेत दिखे

April 13, 2020
अस्पताल के सूत्रों ने कहा है कि प्लाज्मा ट्रांसफ्यूजन: तीन भारतीय-अमेरिकी, जिन्हें कोविड -19 के लिए गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उन कोरोनोवायरस रोगियों के प्लाज्मा से ट्रांसफ्यूज होने के बाद ठीक होने के संकेत मिल रहे हैं, अस्पताल के सूत्रों ने कहा है।

आईटी पेशेवर रोहन बावडेकर, डॉ लवांगा वेलुस्वामी और सुषम सिंह, का इलाज ह्यूस्टन के सेंट ल्यूक मेडिकल सेंटर में किया जा रहा है, और हाल ही में प्लाज्मा ट्रांसफ्यूजन के लिए एक ही रक्त समूह के साथ दाताओं को बरामद किया है।


टेक्सास के डॉक्टर्स और साथ ही देश भर के डॉक्टर एक पुरानी तकनीक के आधार पर एक नए उपचार के साथ प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन यह सुनिश्चित नहीं है कि यह पूरी तरह से प्रभावी होगा या नहीं। इस उपचार में उन लोगों से एंटीबॉडी-समृद्ध प्लाज्मा को लिया जाता है जो कोविड -19 से रिकवर हो चुके है और वो इंजेक्ट करता है, जो उन लोगों में हैं जिन्हें कोविड -19 के गंभीर मामले मिले हैं। एंटीबॉडी रक्त में प्रोटीन होते हैं जो विशिष्ट बैक्टीरिया और वायरस से लड़ते हैं।

क्योकि, COVID-19 के लिए कोई टीका नहीं है और रोजाना नए मामले बढ़ रहे हैं।

एक वैक्सीन की अनुपस्थिति में, डॉक्टर और वैज्ञानिक दीक्षांत प्लाज्मा को देख रहे हैं क्योंकि वे इसे कम जोखिम मानते हैं और क्योंकि यह पिछले महामारी के दौरान प्रभावी रहा है।

ह्यूस्टन में बायलर सेंट ल्यूक मेडिकल सेंटर के पांच मरीज - बायलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन का हिस्सा - दीक्षांत प्लाज्मा के साथ इलाज किया गया है, डॉ अशोक बालासुब्रमण्यम ने कहा, शैक्षणिक एकीकरण के उपाध्यक्ष और बेलो में अकादमिक मामलों के एसोसिएट डीन है।

फ़ूड & ड्रग एसोसिएशन ने अभी तक इस उपचार को मंजूरी नहीं दी है, लेकिन प्रारंभिक ​​परीक्षणों की अनुमति दे दी  है। क्योंकि वे परीक्षण सीमित हैं, इसिलए डॉक्टर राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर COVID-19 मामलों के लिए FDA की अनुमति के लिए उपचार का उपयोग करने का अनुरोध कर सकते हैं।

यह पहली बार नहीं है जब वैक्सीन विकसित होने से पहले चिकित्सकों ने संक्रामक रोगों से निपटने के लिए प्लाज्मा का उपयोग किया है। एडापोजू ने कहा कि तकनीक का उपयोग 1979 में रक्तस्रावी बुखार और 1918 में स्पेनिश इन्फ्लूएंजा के इलाज के लिए किया गया था और इसने दोनों महामारियों में मृत्यु दर को कम करने में मदद की।
कोविड -19: 3 भारतीय-अमेरिकी में प्लाज्मा ट्रांसफ्यूजन के बाद रिकवरी के संकेत दिखे कोविड -19: 3 भारतीय-अमेरिकी में प्लाज्मा ट्रांसफ्यूजन के बाद रिकवरी के संकेत दिखे Reviewed by VISHU on April 13, 2020 Rating: 5
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